Message from Manager Desk

Manager

Kaka Bhukhan Singh Gaya Baksh Singh Mahavidyalaya

Mr. Uday Bhadur Singh

प्रिय बंधुओं आप सभी को ज्ञात है, कि मैंने आप सबके सहयोग से 2016 में महाविद्यालय का संचालन बड़े ही सुचारू व सुव्यवस्थित ढंग से करने का प्रयास किया। संस्था में मेरे द्वारा शिक्षा को सर्वोपरि स्थान दिया गया। क्योंकि शिक्षा से मेरा तात्पर्य धनोपर्जन करना नहीं, अपितु समाज के पिछड़े वर्ग के बच्चों को अच्छी शिक्षा से अलंकृत करना है। समाज को जिस शिक्षा की आवश्यकता है, उस शिक्षा की व्यवस्था करना मेरा प्रथम लक्ष्य है। क्योंकि शिक्षा के द्वारा ही एक अच्छे समाज का निर्माण होता है। तो आइये हम सब मिलकर एक अच्छे समाज के निर्माण के लिऐ अपनी आने वाली युवा पीढ़ी को अच्छी शिक्षा दिलाने का कार्य करें। क्योकि शिक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जो धर्म, जाति, भाषा की विविध कड़ियो को जोड़ती है। राष्ट्रीय एकता ईट व गारे से नहीं बनाई जाती, इसके लिए एक ही प्रक्रिया है वह है शिक्षा अतः आज आवश्यकता इस बात की है, कि जातिगत, धर्म गत, भाषा गत आदि विद्वोषो को समाप्त करने के लिए वर्तमान शिक्षा पद्यति में ऐसी शिक्षण व्यवस्था का समावेश किया जाय जो व्यवहारिक स्तर पर राष्ट्रीय एकता के पोषक हो। शिक्षक के बिना विद्यार्थी का जीवन वैसे ही आधार हींन व दिशा हीन है, जैसे बिना पतवार की नाव समुद्र की लहरों में थपेड़े खाती हुयी, इधर उधर भटका करती है। पर गंतव्य स्थान तक नहीं पहुंच पाती। शिक्षक के द्वारा बालक को सही दिशा (उद्देश्य) का ज्ञान होता है। अतः आवों हम सब मिलकर ऐसे पुण्य कार्य में अपनी हिस्सेदारी दर्ज कराएं व एक अच्छे समाज का निर्माण करें। मैं आप सब को ये भरोसा दिलाता हूँ, कि हमारी संस्था आपके बालक व बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए सदैव तत्पर रहेगी।

 

 

Message from Treasurer Desk

Manager

Kaka Bhukhan Singh Gaya Baksh Singh Mahavidyalaya

Mr. Vijay Bhadur Singh

हमें ऐसी युवा पीढ़ी का निर्माण करना है जिनके चेहरे पर आभा, शरीर में बल, मन में प्रचण्ड इच्छा शक्ति, बुद्धि में पांण्डित्य, जीवन में स्वावलंबन, नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों के प्रति आस्था, सद्गुणों से युक्त हृदय में शिवा, प्रताप, ध्रुव व प्रहलाद की जीवन गाथाऐं अंकित हों और जिन्हें देखकर महापुरूषों की स्मृतियाँ झंकृत हो उठें।